इस वर्ष भी उत्तराखण्ड लोक विरासत कार्यकम का आयोजन आगामी 14 व 15 दिसम्बर 2024 को सोशियल् बलूनी पब्लिक स्कूल में किया जा रहा है। इस बार उत्तराखण्ड लोक विरासत में पहाड़ी वाद्य यंत्र और लोक कलाकारों के प्रदर्शन के साथ उत्तराखण्ड के पारम्परिक परिधान का प्रदर्शन एवं संध्या संगीत क प्रदर्शन भी किया जायेगा। इसमे प्रहाड़ के लोक गायक अपना संगीत प्रस्तुति देंगे साथ ही उत्तराखण्ड के आभूषणों का प्रदर्शन भी होगा पहाड़ी खान-पान का भी प्रबन्ध रहेगा। उत्तराखण्ड लोक विरासत के आयोजक और चारधाम अस्पताल के प्रबन्धक डा० के० पी० जोशी ने बताया कि उत्तराखण्ड संस्कृति को बढ़ाने और विलुप्त होती वाद्य यंत्रों की कलाकारी को आगे लाने के लिए उत्तराखण्ड लोक विरासत का आयोजन देहरादून में किय जा रहा है। यह कार्यक्रम सोशियल बलूनी पब्लिक स्कूल हरिद्वार बाई पास रोड में आयोजित किया जा रहा है। डा० जोशी ने कहा कि हमारा मकसद उत्तराखण्ड के सुदूर गांव कस्बों की प्रतिभाओं के राजधानी में मंच प्रदान करना है एवं उनका प्रदर्शन करवाना है ताकि उन्हे रोजगार से जोड़ा जा सके। उत्तराखण्ड लोक विरासत के माध्यम से सरकार के समक्ष इन कालाकरों के उत्थान के लिए बात भी रखे जायेगी साथ ही विलुप्त होती पहाड़ी लोकनृत्यों, वाद्य यंत्रो का प्रदर्शन भी होगा एवं ग्राम स्तर पर निर्मित हस्तकला का प्रदर्शन और उनके उत्पादों का वितरण भी उत्तराखण्ड लोक विरासत में किया जायेगा विलुप्त होती उत्तराखण्ड के संगीत की विधाओं, ढोल दमाऊ, मस्कबीन रणसिंघा तथा लोक नृत्यों का प्रदर्शन भी इस कार्यक्रम में होगा। वही 6 से रात्रि 8 बजे तक उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध गायको द्वारा संध्या संगीत का प्रदर्शन कया जायेगा। जिसमें लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी, प्रीतम भरतवाण जी, मीना राणा और संगीता ढौढियाल जी आदि अपनी प्रस्तुति देंगें। डा० जोशी ने बताया कि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी होंगे। इसके लिए उन्हे पत्र भेजा जा चुका है। उन्होने इस कार्यक्रम के लिए अपनी अनुमति भी प्रदान कर दी है। असके अलावा विशिष्ट अतिथि में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी जी, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली जी, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ जी, राजपुर विधायक खजानदास जी एवं मा० सांसकृतिक मंत्री सतपाल महाराज जी होंगे। उन्होने सभी मीडिया कर्मीयों से इस कार्यक्रम में सहभागी होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। आपके सहयोग से कार्यक्रम उत्तराखण्ड की पहचान बन गया है साथ ही कहा कि पिछली बार आपके सहयोग से हमने पूरे उत्तराखण्ड को एक सकारात्मक संदेश देने में सफल रहे थे। उन्होने बताया कि उनकी इस मुहिम में उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग एवं संस्कृति विभाग भी कंधे से कंधा मिलाकर मदद कर रहा है।