विश्वप्रसिद्ध उस्ताद अमजद अली खान के सरोद वादन से होगी शुरुआत
देहरादून, 3 अक्टूबर।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून 4 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक कला, संस्कृति और विरासत के रंगों में रंगने जा रही है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेडियम, ओएनजीसी, कौलागढ़ रोड पर आयोजित होने वाला रीच विरासत आर्ट एंड हेरिटेज महोत्सव 2025 इस बार अपना 30वाँ संस्करण मना रहा है। इसकी शुरुआत विश्वप्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के सुरों के साथ होगी।

यह आयोजन इस बार हिरोशिमा परमाणु बम पीड़ितों की स्मृति को समर्पित है। आयोजकों का कहना है कि वर्तमान में लगातार बढ़ते युद्ध और संघर्षों के दौर में यह महोत्सव मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को याद दिलाने का माध्यम बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय लोक कलाओं की धूम
विरासत 2025 में भारतीय कला के साथ-साथ श्रीलंका, किर्गिस्तान और बेलारूस के लोक संगीत और नृत्य भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। गुजरात, गोवा और उत्तराखंड के लोकगीत-नृत्य, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और कथक जैसी प्रस्तुतियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
कला, शिल्प और परंपरा का उत्सव
15 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में हेरिटेज शोकेस, शिल्प कार्यशालाएँ, हेरिटेज क्विज़, फोटोग्राफी प्रतियोगिता, विंटेज कार और बाइक रैली जैसी गतिविधियाँ होंगी। दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
महोत्सव स्थल को कश्मीर के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर (ललितादित्य मुक्तापीड़ कालीन) की छवि में सजाया गया है।
नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियाँ
संगीत और नृत्य की दुनिया के दिग्गज इस मंच को सजाएँगे। इनमें डॉ. एन. राजम, पं. उल्हास कशालकर, पं. साजन मिश्रा, परवीन सुल्ताना, अश्विनी भिड़े, उषा उथुप, मनोज तिवारी, अनुपमा भागवत, मंजरी चतुर्वेदी, जवाद अली खान समेत कई अन्य कलाकार शामिल हैं। ग़ज़ल, सूफ़ी, हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के साथ लोक और वाद्य प्रस्तुतियाँ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
मुशायरे में गूँजेंगे तरन्नुम
महोत्सव में आयोजित मुशायरे में शीन काफ़ निज़ाम, फरहत एहसास, मदन मोहन दानिश, शकील आज़मी, डॉ. नुसरत मेहदी और रश्मि सबा जैसे नामचीन शायर अपनी ग़ज़लें और नज़्में सुनाएँगे।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रीच के महासचिव आर.के. सिंह ने बताया कि 1995 में ओएनजीसी के सहयोग से शुरू हुई यह यात्रा अब 30 वर्ष पूरे कर चुकी है। उन्होंने कहा,
“विरासत न केवल भारत की समृद्ध कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित करता है, बल्कि कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी कला से समाज को जोड़ने का मंच भी देता है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी, शिल्प निदेशक सुनील वर्मा, संचालन प्रमुख प्रदीप मैथल, मीडिया प्रभारी प्रियंवदा अय्यर सहित रीच के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।