भगवानपुर/छुटमलपुर:
देहरादून और सहारनपुर में कारोबारियों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुके छुटमलपुर निवासी पंकज भैया को आखिरकार भगवानपुर पुलिस ने दबोच लिया। खुद को भाजपा और हिंदूवादी नेता बताने वाला यह शख्स भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़े मुर्गी फार्म व्यवसायी साहब सिंह पुंडीर और उनके भाई नीरज पुंडीर से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांग रहा था।
पुलिस के अनुसार, पंकज भैया पर पहले भी कई थानों में ब्लैकमेलिंग, उगाही और धमकाने के गंभीर मामले दर्ज हैं। सूत्रों का कहना है कि उसका तरीका हमेशा एक जैसा होता था — पहले मोटे कारोबारियों को टारगेट करना, फिर सोशल मीडिया पर उनकी बदनामी शुरू करना। इसके बाद अपने गिरोह और किराए के लोगों के जरिए अधिकारियों को झूठी शिकायतें देकर दबाव बनाना और अंत में “जेल भेजने” की धमकी देकर वसूली करना।
गिरफ्तारी से पहले पब्लिक की खातिरदारी
सूत्रों के मुताबिक, साहब सिंह पुंडीर से वसूली करने पहुंचे पंकज भैया को ग्रामीणों ने पहले पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आज उसे जेल भेज दिया, और अब उसके गिरोह के बाकी सदस्य पुलिस की रडार पर हैं।
राजनीति के पीछे छुपा ‘खेल’
स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि साहब सिंह पुंडीर बेहट विधानसभा से भाजपा के प्रबल दावेदार हैं। माना जा रहा है कि पंकज भैया को उनके ही एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी और पूर्व विधायक ने टिकट की रेस से उन्हें बाहर करने के लिए इस्तेमाल किया। बताया जाता है कि पंकज भैया उस प्रतिद्वंदी का करीबी और सजातीय है।
साहब सिंह पुंडीर बोले— ‘साफ-सुथरी राजनीति पर कोई दाग नहीं’
“हमारा परिवार हमेशा ईमानदारी से व्यवसाय और स्वच्छ राजनीति करता आया है। पंकज भैया जैसे ब्लैकमेलर और उनके राजनीतिक आकाओं की चालें जनता के समर्थन के सामने कभी सफल नहीं होंगी,”
— साहब सिंह पुंडीर
कारोबारी जगत में राहत, खौफ का अंत
देहरादून और छुटमलपुर के कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। एक बड़े बिल्डर ने कहा —
“भगवानपुर पुलिस ने हमें पंकज भैया के आतंक से मुक्ति दिलाई है। हम एसएसपी हरिद्वार और पुलिस टीम का आभार मानते हैं।”
पुलिस ने साफ किया है कि जांच जारी है और पंकज भैया के गिरोह के बाकी सदस्यों पर भी कार्रवाई होगी।
