
आज हमारे पत्रकार साथी उत्तरांचल प्रेस क्लब के सदस्य एवं फोटो जर्नलिस्ट ( कैमरामैन ) मंजूल सिंह मांजिला का आज सुबह रायपुर स्टेडियम में कवरेज के दौरान लगभग 8 बजे के करीब दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इस दुःखद घटना की सूचना मिलते राजधानी के पत्रकारों सहित खेल मंत्री रेखा आर्या भी कोरोनेशन अस्पताल पहुंची।
सोमवार सुबह राष्ट्रीय खेलों की कवरेज कर रहे कैमरामैन मंजूल सिंह मांजिला को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तत्काल कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम किया गया। किंतु एक सवाल जो मन को कचोट गया कई 100 करोड रुपए लगाकर 38वे राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया गया जिसमें एकमात्र सीसीटीवी कैमरा जो उसे घटना को कवर कर सकता था वह उस वक्त कार्य नहीं कर रहा था जिससे यह घटना कमरे में कैद नहीं हो पाई सीसीटीवी कैमरा यदि काम कर रहा होता तो बहुत सारे सवाल श्वेता ही शायद समाप्त हो जाते हैं किंतु यह सवाल हमारे खिलाड़ियों के लिए भी है जिनकी सुरक्षा के लिए भारी तामझाम किया गया उसके बावजूद यदि खेल ग्राउंड के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा काम नहीं करता तो यह सवाल तो बनता है कि आखिर वहां की सुरक्षा किन के हाथों में है आज हमारे बीच हमारे एक पत्रकार साथी नहीं रहे जिसका अफसोस जिंदगी भर रहेगा की घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहे थे या फिर कैमरा के आगे प्रचार सामग्री लटक रही थी आज सुबह से घटना की सूचना मिलने के बाद से लगातार राजधानी के समस्त पत्रकार जिला हॉस्पिटल पहुंचने लगे लगातार वहां पत्रकारों की तादाद बढ़ते देख पुलिस के भी हाथ पांव फूलने लगे इसी बीच वहां मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्य भी पहुंची
उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह कंडारी ने खेल मंत्री से आग्रह किया कि राष्ट्रीय खेलों की कवरेज के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दिवंगत हुए मंजूल सिंह मांजिला के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। खेल मंत्री रेखा आर्या ने भरोसा दिलाया कि खेल आयोजनों की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी